🔴 दोनों साइबर आरोपी विदेशी साइबर फ्रॉडस्टार्स से व्हाट्सप्प माध्यम से कनेक्ट थे।
🔴 दोनों आरोपीगणों के नाइजीरिया, कैमरून, चीन में बैठे साइबर ठगों को ठगी के लिए भारतीय बैंक खाते भेजते थे।
🔴 जेल में बंद अपने साथी मास्टर माइंड से मिलने गुजरात से ग्वालियर आये थे।
🔴 उक्त प्रकरण में पुलिस ने पूर्व में एमपी ऑनलाइन के संचालक व मास्टर माइंड सहित सहित सात आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
ग्वालियर। 12.01.2026।
घटना का संक्षिप्त विवरणः- दिनांक 23.12.2025 ग्वालियर पुलिस की सायबर क्राइम विंग द्वारा नया बाजार स्थित बाबा महाकाल के संचालक नरेन्द्र सिकरवार के यहां दबिश दी गई थी और बाबा महाकाल कियोस्क द्वारा खोले गये बैंक खातों का रिकॉर्ड चेक किया तो पाया गया था कि उनमें से ज्यादातर बैंक खाते बाहरी राज्यों से किसी न किसी सायबर फ्रॉड में रिपोर्टेड होना पाये गये थे। जिसमें पुलिस टीम ने कार्यवाही कर गैंग के मास्टर माइंड सोनू जाटव सहित कुल 07 आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया था तथा जिनसे फ्रॉड कार्य हेतु भविष्य में उपयोग किये जाने वाले फिनो बैंक के 84 एटीएम कार्ड की किट व 09 मोबाइल जप्त किये गये थे।
उक्त प्रकरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर धर्मवीर सिंह,भापुसे द्वारा अति0 पुलिस अधीक्षक (पश्चिम/अपराध) श्रीमती सुमन गुर्जर को क्राइम ब्रांच ग्वालियर की सायबर क्राइम विंग से गहनता से जॉच कराकर प्रकरण में शेष सायबर फ्रॉडों की पतारसी कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करवाने हेतु निर्देशित किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के परिपालन में डीएसपी अपराध श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार, एसडीओपी बेहट श्री मनीष यादव के मार्गदर्शन में *सायबर क्राइम प्रभारी निरी0 धर्मेन्द्र कुशवाह* एवं *थाना प्रभारी अपराध निरी0 अमित शर्मा* के नेतृत्व में सायबर क्राइम विंग की टीम को उक्त प्रकरण में वांछित अन्य आरोपियों को पकड़ने हेतु लगाया गया। दौराने जॉच पुलिस टीम को ज्ञात हुआ कि मास्टर माइंड आरोपी सोनू जाटव से राज्य के बाहर के अन्य आरोपी भी जुड़े हुए है जिनके द्वारा सोनू जाटव से बैंक खाते खरीदकर विदेशों में बैठकर ठगी करने वाले आरोपियों को म्यूल बैंक खाते बेचे जाते हैं। सायबर क्राइम विंग की टीम द्वारा ऐसे आरोपियों की तकनीकी जानकारी एकत्रित की गई। तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम को ज्ञात हुआ कि दो आरोपीगण ग्वालियर जेल में बंद आरोपी सोनू जाटव से मिलने व आगे की कार्ययोजना के संबंध में चर्चा करने के लिए गुजरात से आये हुए हैं। उक्त जानकारी के आधार पर सायबर क्राइम की पुलिस टीमों को उक्त आरोपीगणों को पकड़ने हेतु लगाया गया। पुलिस टीम द्वारा तकनीकी जानकारी के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पुलिस टीम द्वारा संदिग्धों के मोबाइल फोन व लेपटॉप चेक किये गये तो उनके द्वारा कई बैंक खाते विदेशी साथियों को बेचे जाना पाया गया। जिस पर से पुलिस द्वारा दोनों आरोपीगणों को विधिवत गिरफ्तार किया जाकर उनके उक्त प्रकरण के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

वारदात का तरीकाः-
विदेश में बैठे साइबर ठग नए-नए तरीकों से भारत में साइबर ठगी को अंजाम देते हैं, जिसमें मुख्तयः इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग, फेक आईडी बनाकर फ्रॉड व अन्य प्रकार के फ्रॉड विदेशां में बैठकर भारतीय लोगों के साथ करते थे। जब पीड़ित साइबर फ्रॉड़स्टर के झांसे में आकर साइबर ठगी की राशि ट्रांसफर करने के लिए तैयार हो जाता था तो विदेशी साइबर फ्रॉड़स्टर भारत में बैठे अपने साथियां से राशि ट्रांसफर के लिए बैंक खाते मांगते थे देश में बैठे आरोपियों के द्वारा म्यूल बैंक खाते खुलवाकर उन बैंक खातों के बैंक अकाउंट नंबर, खाते धारक का नाम व आईएफसी कोड अपने विदेशी साथियों को भेज दिया जाता था, फिर विदेशी साथियां द्वारा व बैंक खाते राशि ट्रांसफर के लिए पीड़ित को भेज दिया जाता था। ठगो के झांसे में आकर पीड़ित उन बैंक अकाउंट्स में जैसे ही राशि ट्रांसफर कर देता था तो गिरफ्तारशुदा आरोपीगणों के द्वारा उन राशि को एटीएम से निकालकर या चेक से निकालकर या अन्य माध्यम से निकालकर उस राशि में से अपना कमीशन काटकर शेष राशि की क्रिप्टो करेंसी (यूएसडीटी) खरीदकर बाइनैंस या अन्य एप के माध्यम से विदेश में बैठे अपने साथियो को उनके वॉलेट पर भेज दिया जाता था। इस तरीके से विदेश में बैठे साइबर ठग भारत में सायबर फ्रॉड को अंजाम देते थे।
गिरफ्तार किये गये आरोपीगण :-
1. शैलेन्द्र पटेल पुत्र सुरेन्द्र पटेल उम्र 32 बर्ष निवासी गांधी नगर गुजरात।
2. मुकेश कुमार चौधरी पुत्र पन्ना लाल चौधरी उम्र 28 बर्ष निवासी सिरोही राजस्थान।
जप्त मशरूकाः- 05 मोबाइल फोन, 02 लेपटॉप व एटीएम कार्ड जप्त किये गये।





