ग्वालियर। 18.04.2026 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) के निर्देशानुसार ग्वालियर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुमशुदा नाबालिग बालक/बालिकाओं की दस्तयाबी हेतु प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। उक्त निर्देशों के अनुक्रम में अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री जयराज कुबेर द्वारा अपने अधीनस्थ सभी थाना प्रभारियों को थाना क्षेत्र से गुमशुदा नाबालिग बालक/बालिकाओं की दस्तयाबी हेतु प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं।
घटना का संक्षिप्त विवरण फरियादिया रूपाबाई (परिवर्तित नाम) निवासी आरोन जिला ग्वालियर ने थाना आरोन में रिपोर्ट लेख कराई कि दिनांक 14.04.26 को शाम करीबन 07 बजे उसकी लड़की संध्या (परिवर्तित नाम) घर से बिना बताये कही चली गयी और काफी देर तक नहीं लौटी तो सभी लोगो ने उसकी तलाश गांव में तथा आसपास और अपने नजदीकी रिश्तेदारी में की, कही कोई जानकारी नहीं मिली। फरियादिया की रिपोर्ट पर से थाना आरोन में अप०क्र० 20/26 धारा 137 (2) बीएनएस का पंजीबद्ध किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार एसडीओपी घाटीगांव श्री शैलेन्द्र शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी आरोन उप. निरीक्षक अभिनव शर्मा के द्वारा थाना बल की टीम को उक्त प्रकरण में अपहृत नाबालिग बालिका को दस्तयाब करने हेतु लगाया गया। दौराने विवेचना थाना आरोन पुलिस द्वारा अपहृत्त नाबालिग बालिका की तलाश रेलवे स्टेशन, बस स्टेंड व आसपास के क्षेत्र में की गई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
इसी दौरान दिनांक 15.04.2026 को तकनीकी सहायता के आधार पर जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त प्रकरण में अपहृत नाबालिग बालिका, ग्राम मोर खोड़ना जिला बूंदी थाना जेन्डोली राजस्थान में है। उक्त सूचना पर से पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर जाकर अपहृत नाबालिग बालिक संध्या (परिवर्तित नाम) को दस्तयाब किया गया। पूछताछ में बालिका ने अपने माता पिता से गुस्सा होकर घर से जाना बताया तथा उसने बताया कि मेरे साथ कोई घटना घटित नहीं हुई है और न ही मुझे कोई लेकर गया था। थाना आरोन पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही से उक्त अपहृत नाबालिग बालिक को 48 घंटे के अंदर सकुशल दस्तयाब किया गया।
परिजनों ने थाना आरोन पुलिस द्वारा बालिका की तलाश हेतु किये गये प्रयास की सराहना करते हुए पुलिस को धन्यवाद दिया। थाना आरोन पुलिस द्वारा अपहृत बालिका को परिजनों के सुपुर्द किया गया।





