ग्वालियर। 10.03.2026 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह(भापुसे) के निर्देशानुसार ग्वालियर जिले में ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुमशुदा बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी हेतु प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। उक्त निर्देशों के परिपालन में अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री जयराज कुबेर द्वारा अपने अधीनस्थ सभी थाना प्रभारियों को थाना क्षेत्र से गुमशुदा बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी हेतु टीम बनाकर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।
घटना का संक्षिप्त विवरणः- फरियादी प्रकाश(परिवर्तित नाम) निवासी पिछोर जिला ग्वालियर ने थाना पिछोर में गुमशुदगी दर्ज कराई थी कि दिनांक 25.02.2026 को साम के समय उसकी छोटी लड़की मालिनी(परिवर्तित नाम) दूध लेने की कहकर बस स्टेंड के पास दूध डेयरी पर गई थी जो अभी तक घर वापस नही आई है। मैंने अपनी लड़की की तलाश आसपास सभी रिश्तेदारियो में की लेकिन कोई पता नहीं चला। मुझे संदेह है कि मेरी लड़की पिछोर के रहने वाले एक लड़का मोनू के साथ गई है। फरियादी की सूचना पर थाना पिछोर में गुमशुदगी क्रमांक 08/26 कायम कर जांच में ली गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार एसडीओपी डबरा श्री सौरभ कुमार के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पिछोर उप निरी. शिवम राजावत के द्वारा थाना बल की टीम एवं तकनीकी सेल को उक्त गुमशुदा लड़की को दस्तयाब करने हेतु लगाया गया। पुलिस टीम द्वारा गुमशुदा लड़की की तलाश आसपास के क्षेत्र पर की गई।
दौराने तलाश गुमशुदा थाना पिछोर पुलिस को तकनीकी सहायता के आधार पर जानकारी प्राप्त हुई कि गुमशुदा मालिनी(परिवर्तित नाम) गुरुग्राम(हरियाणा) में है। उक्त सूचना पर पुलिस टीम गुरुग्राम पहुंची और तकनीकी सहायता के आधार पर तलाश की तो गुमशुदा मालिनी(परिवर्तित नाम) वहां पर नहीं मिली उसके बाद संदिग्ध मोनू माहौर की तकनीकी आधार पर तलाश दिल्ली में की गई तो ज्ञात हुआ कि संदिग्ध ट्रेन में बैठकर ग्वालियर के लिये रवाना हो गया है।
उसके बाद पुलिस टीम वापस ग्वालियर आई और जिला न्यायालय ग्वालियर के पास तकनीकी सहायता के आधार पर गुमशुदा व संदिग्ध मोनू व गुमशुदा के मामा अनिल मिले, जिन्हे थाना पिछोर पुलिस टीम अपने साथ थाना लेकर आई और गुमशुदा को दस्तयाब कर गुमशुदा के कथन लेखबद्ध किये गये गुमशुदा ने अपने कथन में बताया कि वह अपनी बड़ी बहन से झगड़ा होने पर गुस्से में आकर अपने मामा के यहां नौनेर दतिया चली गई थी। मेरे साथ किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित नहीं नहीं हुई है। उसके बाद गुमशुदा को उसके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया गया।





