🔴 आरोपियो से 23 मोबाइल, 37 सिम, 11 एटीएम कार्ड, 03 लैपटॉप एवं 06 पासबुक सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण किये जब्त।
🔴 आरोपियों द्वारा महीने में लगभग 07 से 08 करोड़ रूपयों का ट्रांजेक्शन किया जाता था, जो साल का लगभग 100 करोड़ का होता है।
🔴 पकड़े गये आरोपियों के दुबई एवं श्रीलंका से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है।

ग्‍वालियर। 13.09.2026। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) के निर्देश पर साइबर अपराधों में संलिप्त आरोपियों एवं साइबर फ्रॉड के लिए म्यूल बैंक खातों का उपयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 12.09.2026 को साइबर क्राइम विंग ग्वालियर को जरिए मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि विंडसर हिल्स स्थित एक किराये के डुप्लेक्स में कुछ लोगों के द्वारा ऑफिस बनाकर ऑनलाइन सट्टा, बैंक अकाउंट की खरीद फरोख्त और ऑनलाइन गैम्बलिंग का कार्य किया जा रहा है। उक्त सूचना पर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा अति0 पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री सुजावल जग्गा(भापुसे) के मार्गदर्शन में पुलिस की टीम को मुखबिर की सूचना की तस्दीक कर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के पालन में उप पुलिस अधीक्षक क्राइम श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार, उप पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम श्री मनीष यादव, प्रशिक्षु भापुसे अधिकारी श्री मनोज कुमार, एवं प्रशिक्षु डीएसपी अनुश्री वार्ष्णेय के नेतृत्व में प्रभारी साइबर क्राइम विंग ग्वालियर निरी0 धर्मेन्द्र सिंह कुशवाह एवं साइबर क्राइम विंग की टीम द्वारा मुखबिर सूचना की तस्दीक हेतु विंडसर हिल्स स्थित एक किराये के डुप्लेक्स में भेजा गया।

पुलिस टीम द्वारा विंडसर हिल्स स्थित एक किराये के डुप्लेक्स में जाकर देखा तो पॉच लोग ऑफिस बनाकर ऑनलाइन सट्टा, बैंक अकाउंट की खरीद फरोख्त और ऑनलाइन गैम्बलिंग का कार्य कर रहे थे। पुलिस टीम द्वारा मौके पर पॉच लोगों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होने अपने नाम सोहित करेर, दिनेश रायकवार, शांतनु श्रीवास, सुमित कुशवाह, दीपक आर्य बताये। पकड़े गये पॉचों व्यक्तियों से पूछताछ करने पर उनके द्वारा ऑनलाइन सट्टा, बैंक अकाउंट की खरीद फरोख्त और ऑनलाइन गैम्बलिंग का कार्य करना बताया।

जिस पर से पुलिस द्वारा पॉचों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर मौके से कुल 23 मोबाइल फ़ोन, 37 सिम, 11 एटीएम कार्ड, लैपटॉप 03 पासबुक 06 व अन्य इलेक्ट्रोनिक सामान जब्त किया गया है। पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है। जांच के दौरान ऑनलाइन सट्टा एवं गैम्बलिंग नेटवर्क, बैंक खातों की खरीद-फरोख्त तथा साइबर फ्रॉड से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं खातों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है। आरोपियों द्वारा 100पैनल नामक वैवसाइट के माघ्यम से सट्टा खिलाने का कार्य किया जा रहा था। आरोपीगणों के मोबाइल फोन में कई सारे बैंक अकाउंट की डिटेल्स प्राप्त हुई हैं जिनके संबंध में जानकारी संबधित बैंक से ली जा रही है एवं ज्ञात करने का प्रयास किया जा रहा है कि कितने लोगों के साथ साइबर ठगी की घटना को अंजाम दिया गया है। पकड़े गये पॉचों आरोपियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ग्वालियर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

जांच के दौरान प्रारंभिक रूप से यह तथ्य सामने आया है कि आरोपियों द्वारा संचालित नेटवर्क में प्रतिमाह लगभग 07 से 08 करोड़ रुपये का लेन-देन किया जाता था, जो वार्षिक स्तर पर लगभग 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। पुलिस द्वारा इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच की जा रही है तथा बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन, धनराशि के स्रोत एवं लाभार्थियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

दुबई एवं श्रीलंका के नेटवर्क से जुड़े होने का खुलासा- पूछताछ में आरोपियों द्वारा यह भी बताया गया है कि वे व्हाट्सएप के माध्यम से दुबई एवं श्रीलंका से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे। पुलिस द्वारा इस संबंध में भी तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
साइबर क्राइम विंग द्वारा आरोपियों के मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त डाटा का विश्लेषण कर इस संगठित नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंक खातों तथा वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस द्वारा मामले में आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। तकनीकी जांच एवं बैंकिंग डाटा के विश्लेषण के आधार पर साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन सट्टा, गैम्बलिंग, बैंक खातों की खरीद-फरोख्त एवं संभावित साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मकान मालिक की भूमिका की भी जांच-
पुलिस द्वारा जिस डुप्लेक्स में उक्त गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, उसे किराये पर देने वाले मकान मालिक की भूमिका के संबंध में भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डुप्लेक्स में संचालित गतिविधियों के संबंध में मकान मालिक को किसी प्रकार की जानकारी थी या नहीं।

नाम आरोपीगणः-
1. सोहित करेर पुत्र अनूप करेर, उम्र 22 वर्ष, निवासी मुरार जिला ग्वालियर।
2. दिनेश रायकवार पुत्र रामु रायकवार उम्र 28 वर्ष निवासी दतिया।
3. शांतनु श्रीवास पुत्र विजय श्रीवास उम्र 20 वर्ष निवासी मुरार ग्वालियर।
4. सुमित कुशवाह पुत्र मदन कुशवाह उम्र 26 वर्ष निवासी पिंटू पार्क गोला का मंदिर ग्वालियर।
5. दीपक आर्य पुत्र राकेश आर्य उम्र 34 साल निवासी मुरार ग्वालियर।

जप्त मशरूकाः- आरोपीगणाें से कुल 23 मोबाइल फ़ोन, 37 सिम, 11 एटीएम कार्ड, लैपटॉप 03 पासबुक 06 व अन्य इलेक्ट्रोनिक सामान जब्त किया गया है।
सराहनीय भूमिकाः- उक्त कार्यवाही में क्राइम ब्रांच व साइबर क्राइम विंग टीम की सराहनीय भूमिका रही है।

अपीलः – ग्वालियर पुलिस द्वारा नागरिकों से अपील की जाती है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड अथवा अन्य बैंकिंग/डिजिटल संसाधन किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। साइबर अपराधी ऐसे खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी एवं अन्य अवैध गतिविधियों में कर सकते हैं, जिससे खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकता है।

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