🔴 एसएएफ एवं एमएलबी ग्राउंड में युवाओं को ऑनलाइन जॉब फ्रॉड से किया गया सतर्क, फर्जी वर्क फ्रॉम होम और पार्ट-टाइम जॉब ऑफर से सावधान रहने की दी सलाह।
🔴 स्कूलों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े साइबर फ्रॉड के संबंध में जागरूक किया गया।
🔴 हजारों लोगों ने लिया संकल्प, न स्वयं साइबर ठगी का शिकार बनेंगे, न दूसरों को बनने देंगे।
ग्वालियर। 01.07.2026 । मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित प्रदेशव्यापी विशेष साइबर जागरूकता अभियान ‘‘सेफ क्लिक 2.0‘‘ के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) के निर्देशन एवं अभियान के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुजावल जग्गा (भापुसे) के मार्गदर्शन में आज अभियान के आठवें दिवस पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विद्यालयों, खेल मैदानों, सार्वजनिक स्थानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर हजारों आमजनों व छात्रों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रमों के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आमजनों को बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी केबाईसी अपडेट, ओटीपी शेयर कराने, यूपीआई फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन जॉब ऑफर, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग, वीडियो कॉल ब्लैकमेल, कस्टमर केयर फ्रॉड तथा डिजिटल अरेस्ट जैसी नई-नई तकनीकों से अपना शिकार बना रहे हैं। इन अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय केवल जागरूकता, सतर्कता और समय पर शिकायत करना है।
इसी क्रम में सेफ क्लिक 2.0 अभियान के अंतर्गत थाना झांसी रोड क्षेत्र के गुरुकुलम स्कूल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी झॉसीरोड़ निरीक्षक शक्ति यादव एवं उपनिरीक्षक मोहिनी वर्मा ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप की विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें, अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सावधानीपूर्वक व्यवहार करें। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की शपथ दिलाई गई।
थाना मुरार पुलिस द्वारा मॉर्निंग स्टार स्कूल, मुरार में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को विशेष रूप से ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े साइबर फ्रॉड के संबंध में जागरूक किया गया। उन्हे बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी लोकप्रिय ऑनलाइन गेम्स के माध्यम से फर्जी रिवॉर्ड, फ्री डायमंड/कॉइन, प्रीमियम पास, गेमिंग आईडी अपग्रेड, हैक्ड वर्जन डाउनलोड तथा सस्ते गेमिंग आइटम उपलब्ध कराने का लालच देकर बच्चों एवं युवाओं से बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, यूपीआई भुगतान अथवा लॉगिन आईडी-पासवर्ड प्राप्त कर ठगी करते हैं। विद्यार्थियों को समझाइश दी गई कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, गेम से संबंधित किसी भी ऑफर के लिए ऑनलाइन भुगतान न करें, तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अपने अभिभावकों एवं शिक्षकों को दें।
थाना कंपू पुलिस द्वारा 14वीं वाहिनी एसएएफ ग्राउंड में आयोजित विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, पुलिस जवानों एवं उपस्थित नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी कंपू निरी0 अमर सिंह सिकरवार, ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि साइबर अपराधी लोगों को लालच, डर एवं झूठे प्रलोभनों के माध्यम से ठगी का शिकार बनाते हैं। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी केबाईसी अपडेट, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, निवेश के नाम पर ठगी, सोशल मीडिया हैकिंग एवं ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए। कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा संबंधी पम्पलेट वितरित किए गए तथा सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना विलंब ’’राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930’’ पर शिकायत दर्ज कराएं। उपस्थित सभी खिलाड़ियों एवं नागरिकों ने सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने तथा दूसरों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
थाना इंदरगंज पुलिस द्वारा एम.एल.बी. कॉलेज ग्राउंड में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों, युवाओं, खिलाड़ियों एवं आमजन को साइबर अपराधों के लगातार बदलते स्वरूप तथा अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से ऑनलाइन जॉब फ्रॉड के संबंध में युवाओं को जागरूक करते हुए बताया गया कि साइबर अपराधी घर बैठे अधिक आय, पार्ट-टाइम जॉब, वर्क फ्रॉम होम, डेटा एंट्री या टेलीग्राम/व्हाट्सएप के माध्यम से आसान कमाई का लालच देकर लोगों से रजिस्ट्रेशन शुल्क, सिक्योरिटी डिपॉजिट अथवा टास्क पूरा करने के नाम पर पैसे जमा करवा लेते हैं और बाद में संपर्क समाप्त कर देते हैं। युवाओं को सलाह दी गई कि किसी भी ऑनलाइन नौकरी के प्रस्ताव पर विश्वास करने से पहले संबंधित कंपनी की सत्यता अवश्य जांचें तथा किसी भी स्थिति में अज्ञात व्यक्ति या संस्था के कहने पर पैसे जमा न करें और अपनी व्यक्तिगत अथवा बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
ग्वालियर पुलिस का सेफ क्लिक 2.0 अभियान लगातार जिले के प्रत्येक थाना क्षेत्र में प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल रूप से सशक्त एवं जागरूक बनाना, साइबर अपराधियों की नई-नई ठगी की तकनीकों से बचाव के प्रति सजग करना तथा समाज में सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल वातावरण का निर्माण करना है। #mppoli
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