🔴 टेलीग्राम के माध्यम से विदेशी (चाइनीज) नेटवर्क को यूएसडीटी बेचकर साइबर ठगी की रकम का करते थे लेन-देन, 10 एटीएम कार्ड सहित अन्य सामग्री जब्त।

ग्‍वालियर। 03.07.2026। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह(भा.पु.से.) के निर्देशन में साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में डिजिटल हाउस अरेस्ट कर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच की साइबर टीम ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।

प्रकरण में आवेदिका श्रीमती मीनाक्षी नाखरे द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने स्वयं को सीबीआई एवं ईडी का अधिकारी बताकर उन्हें डिजिटल हाउस अरेस्ट किया तथा भय और दबाव बनाकर विभिन्न बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 58 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(क्राइम/पश्चिम) श्रीमती सुमन गुर्जर, उप पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम श्री मनीष यादव एवं उप पुलिस अधीक्षक क्राइम श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना अपराध शाखा में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। उल्लेखनीय है कि इस मामले में पूर्व में एक आरोपी को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया जा चुका है। विवेचना के दौरान साइबर विंग द्वारा ठगी की गई राशि के बैंक खातों की तकनीकी ट्रेल एवं वित्तीय विश्लेषण किया गया, जिसमें पाया गया कि ठगी की रकम की दूसरी लेयर में लगभग 4 लाख रुपये मुरैना जिले के पोरसा स्थित एक बैंक खाते में स्थानांतरित किए गए थे। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर निरीक्षक सुधाकर सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम को रवाना किया गया, जिसने राहुल तोमर पुत्र नरसिंह तोमर उम्र 21 वर्ष निवासी गाँधीनगर पोरसा जिला मुरैना को गिरफ्तार किया। पूछताछ में राहुल ने बताया कि उसने अपना बैंक खाता कमीशन के लालच में अपने ताऊ के लड़के रोहित तोमर को उपयोग के लिए दे दिया था।

इसके आधार पर पुलिस ने रोहित तोमर पुत्र रामनरेश तोमर उम्र 24 वर्ष गाधीनगर पोरसा जिला मुरैना को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह टेलीग्राम एप के माध्यम से विदेशी (चाइनीज) नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, जो अधिक कीमत पर यूएसडीटी खरीदते थे। आरोपी ने राहुल के बैंक खाते का उपयोग करते हुए बायनेन्स (Binance) प्लेटफॉर्म के माध्यम से टेलीग्राम पर यूएसडीटी की बिक्री की। इसके बदले विदेशी व्यक्तियों द्वारा राहुल के खाते में जो राशि भेजी गई, वह साइबर ठगी से अर्जित धनराशि थी।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 एटीएम कार्ड, 3 चेकबुक, 1 पासबुक, 2 मोबाइल फोन एवं 3 सिम कार्ड जब्त किए हैं। आरोपियों का पुलिस रिमांड प्राप्त कर उनसे गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे साइबर ठगी के इस संगठित नेटवर्क के अन्य सदस्यों तथा वित्तीय लेन-देन का खुलासा किया जा सके। पुलिस द्वारा आरोपी के टेलीग्राम नेटवर्क एवं यूएसडीटी लेन-देन से जुड़े अन्य व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे और भी महत्वपूर्ण गिरफ्तारी होने की संभावना है।

ग्वालियर पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को सीबीआई, ईडी, पुलिस, न्यायालय अथवा अन्य किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन या वीडियो कॉल पर धमकाए, डिजिटल हाउस अरेस्ट की बात कहे अथवा धनराशि ट्रांसफर करने का दबाव बनाए, तो ऐसे झांसे में बिल्कुल न आएं। किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा www.cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं तथा निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करें।

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