ग्वालियर पुलिस एवं उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल

🔴 एसएलपी महाविद्यालय मुरार में आयोजित कार्यशाला में 200 विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने लिया भाग।
🔴 आठ सत्रों में संविधान, साइबर सुरक्षा, महिला-बाल संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा एवं आपराधिक न्याय व्यवस्था की दी गई जानकारी।
🔴 एमएलबी कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने थाना कंपू का शैक्षणिक भ्रमण कर समझी पुलिस की कार्यप्रणाली।

ग्वालियर दिनांक 27.10.2026। पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश पुलिस एवं मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ अभियान के अंतर्गत आज श्याम लाल पाण्डवीय (एसएलपी) महाविद्यालय, मुरार, ग्वालियर में विधिक एवं सामाजिक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रातः 10.30 बजे से सायं 4.30 बजे तक आयोजित इस कार्यशाला में महाविद्यालय के लगभग 200 विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा आठ विषयगत सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून, नागरिक अधिकारों, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल संरक्षण, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य तथा आपराधिक न्याय व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं प्रभारी पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री जयराज कुबेर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना, सुरक्षा संबंधी विषयों की व्यावहारिक समझ विकसित करना तथा पुलिस एवं समाज के बीच विश्वास, सहयोग और संवाद को मजबूत करना रहा।

*युवाओं को किया जागरूक* – कार्यक्रम के प्रारंभ में एसएलपी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.एस. तोमर ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। इसके पश्चात प्रभारी पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री जयराज कुबेर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय संविधान, नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, बाल अधिकारों, किशोर न्याय अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के संबंध में सरल एवं व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल अपराधों पर नियंत्रण करना ही नहीं, बल्कि आमजन में सुरक्षा की भावना विकसित करना, नागरिकों की समस्याओं के समाधान में सहयोग देना तथा आवश्यकता के समय उन्हें सहायता उपलब्ध कराना भी है।

श्री कुबेर ने ‘सृजन अभियान’ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि पुलिस और युवाओं के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो तथा सुरक्षित एवं सशक्त समाज के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

आठ सत्रों में कानून, सुरक्षा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की जानकारी – कार्यशाला को आठ विषयगत सत्रों में विभाजित किया गया, जिनमें विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर जागरूक किया।
सत्र-1 – कार्यशाला का परिचय एवं उद्देश्य – प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्री जयराज कुबेर ने ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ की रूपरेखा, उद्देश्य एवं उपयोगिता बताते हुए युवाओं को कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
सत्र-2 – साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल नागरिकता – थाना साइबर क्राइम ग्वालियर के उप निरीक्षक श्री धर्मेन्द्र शर्मा ने साइबर अपराधों से बचाव, इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता तथा संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की जानकारी दी।
सत्र-3 – महिला एवं बाल संरक्षण – एसडीओपी घाटीगांव श्री शैलेन्द्र शर्मा एवं थाना प्रभारी इन्दरगंज निरीक्षक श्रीमती दीप्ति तोमर ने महिला सुरक्षा, बाल अधिकारों और कमजोर वर्गों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर प्रकाश डालते हुए अपराधों के प्रति सजग रहने तथा समय पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की आवश्यकता बताई।
सत्र-4 – संविधान, अधिकार एवं कानून – विद्यार्थियों को भारतीय संविधान, नागरिक अधिकारों, कर्तव्यों और कानून के मूलभूत सिद्धांतों की जानकारी देते हुए संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया गया।
सत्र-5 – मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम – मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, तनाव प्रबंधन एवं आत्महत्या रोकथाम जैसे संवेदनशील विषयों पर जागरूकता प्रदान की गई। विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में उचित सहयोग लेने तथा जरूरतमंद व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया गया।
सत्र-6 – सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति एवं हिंसा निवारण – यातायात सूबेदार श्री आयुष मिश्रा ने यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभावों एवं हिंसा की रोकथाम के संबंध में जानकारी देते हुए अनुशासित और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की।
सत्र-7 – आपातकालीन पुलिस सहायता एवं आपदा प्रबंधन – निरीक्षक रेडियो श्री भारत सिंह ने आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की भूमिका, प्रथम प्रतिक्रिया, त्वरित सहायता एवं आपदा प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
सत्र-8 – आपराधिक न्याय व्यवस्था – एडीपीओ ग्वालियर श्री मुरारी लाल गुप्ता ने आपराधिक न्याय व्यवस्था के सिद्धांतों, कानूनी प्रक्रियाओं एवं न्यायिक व्यवस्था की जानकारी देते हुए विधिक जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया।

प्रश्नोत्तर के माध्यम से विद्यार्थियों से सीधा संवाद- कार्यशाला के दौरान प्रश्नोत्तर एवं संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। थाना प्रभारी इन्दरगंज निरीक्षक श्रीमती दीप्ति तोमर ने ‘एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे का रास्ता’ विषय पर विचार रखते हुए नागरिक कर्तव्यों, सामाजिक सहभागिता, कानून के सम्मान तथा समाज के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के महत्व को समझाया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि सुरक्षित समाज का निर्माण केवल पुलिस के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जागरूकता, सतर्कता, कानून के प्रति सम्मान और सामूहिक जिम्मेदारी से संभव है।

कार्यक्रम का संचालन एनएसएस अधिकारी श्री प्रदीप सिंह भदौरिया ने किया तथा एनसीसी अधिकारी डॉ. देवेन्द्र गुर्जर ने आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में प्रोफेसर सुनीता वार्ष्णेय, डॉ. निशा तोमर, डॉ. मनोज गुर्जर, डॉ. विजय शर्मा, डॉ. बी.बी. गुप्ता, डॉ. डी.के. मिश्रा, डॉ. ए.के. त्रिपाठी, डॉ. रचना सिकरवार, डॉ. प्रतीका शर्मा, डॉ. वर्णित सेंगर, डॉ. लता पल्लव, श्रीमती निशा वर्मा सहित अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे।

एमएलबी कॉलेज के विद्यार्थियों ने किया थाना कंपू का शैक्षणिक भ्रमण – ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराने के उद्देश्य से विभिन्न महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक भ्रमण भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को महारानी लक्ष्मीबाई कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय (एमएलबी कॉलेज), ग्वालियर के छात्र-छात्राओं ने थाना कंपू का भ्रमण किया।

इस दौरान विद्यार्थियों को पुलिस थाने की कार्यप्रणाली, कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, नागरिक सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा साइबर अपराधों से बचाव जैसे विषयों की व्यावहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से भ्रमण कराया गया। इस पहल से विद्यार्थियों को पुलिस व्यवस्था को नजदीक से समझने तथा पुलिस के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिला।

ग्वालियर पुलिस का संदेशर- ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ के माध्यम से युवाओं को कानून के प्रति जागरूक, सामाजिक रूप से जिम्मेदार एवं सुरक्षा के प्रति सजग नागरिक बनाने का प्रयास निरंतर जारी है। जागरूक युवा ही सुरक्षित, संवेदनशील और सशक्त समाज की मजबूत नींव हैं।

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