🔴 पुलिसिंग में तकनीकी बदलाव की शुरुआत क्यूआर कोड आधारित ई-मालखाना से साक्ष्यों का डिजिटल रिकॉर्ड, पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी।
🔴 मालखाने की पारंपरिक व्यवस्था से मिलेगा छुटकारा, अब एक क्लिक पर उपलब्ध होगी पूरी जानकारी।
🔴 “पहरा प्लेटफार्म” में क्यूआर/यूनिक कोड के जरिए हर माल की होगी सटीक पहचान एवं “चेन ऑफ कस्टडी” सुनिश्चित करने के लिए हर मूवमेंट का रहेगा डिजिटल रिकॉर्ड।
ग्वालियर। 14.04.2026 ग्वालियर में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह(भापुसे) के निर्देश पर अति0 पुलिस अधीक्षक (मध्य/यातायात) श्रीमती अनु बेनीवाल(भापुसे) के मार्गदर्शन में ग्वालियर रेंज का पहला “ई-मालखाना” एवं “पहरा प्लेटफार्म” थाना पड़ाव में तैयार किया गया।
जिसका शुभारंभ आज दिनांक 14.04.2026 को पुलिस महानिरीक्षक, ग्वालियर जोन श्री अरविन्द कुमार सक्सेना(भापुसे) द्वारा किया गया। इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक, ग्वालियर रेंज श्री अमित सांघी(भापुसे), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह(भापुसे) एवं अति0 पुलिस अधीक्षक(मध्य/यातायात) श्रीमती अनु बेनीवाल(भापुसे), अति0 पुलिस अधीक्षक(पश्चिम/अपराध) श्रीमती सुमन गुर्जर व सीएसपी इंदरगंज श्री रोबिन जैन, थाना प्रभारी पड़ाव शैलेन्द्र भार्गव सहित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिरीक्षक श्री अरविंद कुमार सक्सेना* ने “ई-मालखाना” एवं “पहरा प्लेटफार्म” का अवलोकन किया और कहा कि पुलिसिंग के बदलते स्वरूप में तकनीक का समावेश अत्यंत आवश्यक हो गया है। ई-मालखाना और पहरा प्लेटफार्म ग्वालियर पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे साक्ष्यों के सुरक्षित रखरखाव एवं मॉनिटरिंग सिस्टम को आधुनिक बनाया जा सकेगा। इस अवसर पर उन्होने कहा कि ग्वालियर पुलिस का डिजिटल पुलिसिंग की तरफ एक अच्छा कदम है इस तकनीक को ग्वालियर रेंज के अन्य बड़े जिलों के थानों में भी शुरू किया जायेगा।
एसएसपी ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह ने कहा कि ग्वालियर पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि पुलिसिंग को अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और जवाबदेह कैसे बनाया जाए। ई-मालखाना और पहरा प्लेटफार्म इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आमजन को बेहतर, त्वरित एवं पारदर्शी पुलिस सेवा प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है और यह पहल उसी दिशा में एक ठोस प्रयास है। अंत में उपस्थित अधिकारियों को नई प्रणाली के प्रभावी उपयोग हेतु निर्देशित किया गया। एसएसपी ग्वालियर ने बताया कि जो केस प्रॉपर्टी होती है वह थाने के मालखाने मे रखी जाती है, और मालखाने के अंदर किसी भी केस की फाइल, जब्त सामान ढूंढने में काफी समय लग जाता है, इन परेशानियों से अब पड़ाव थाने का मालखाना मुक्त होगा।
थाना पड़ाव के इस ई-मालखाने में केस की सभी फाइलों का डिजिटलाइजेशन किया गया है। इसके लिए वेब बेस्ड प्रोग्राम पर सारा डाटाबेस उपलब्ध है और एक क्लिक पर सारी जानकारी उपलब्ध होगी तथा मालखाने को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया गया है, जिससे इस पर निगरानी रखी जा सकेगी।
क्या है ‘‘ई-मालखाना‘‘ व ‘‘पहरा प्लेटफार्म‘‘ एवं विशेषताएं :-
“ई-मालखाना” एक डिजिटल सिस्टम है, जिसमें अपराध से संबंधित जब्त सामान, साक्ष्य एवं केस फाइलों का पूर्ण रिकॉर्ड ऑनलाइन एवं व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखा जाएगा। मालखाना में रखी प्रत्येक वस्तु को क्यूआर कोड़ से चिहिन्त किया गया है। इससे मालखाने की पारदर्शिता बढ़ेगी, रिकॉर्ड का त्वरित एक्सेस संभव होगा तथा माल के रख-रखाव एवं निगरानी में सुधार आएगा। साथ ही, न्यायालयीन कार्यवाही में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता भी सरल एवं तेज होगी।
‘‘पहरा प्लेटफार्म’’ प्रमाणों का रखरखाव एवं अभिरक्षा- यह एक वेब बेस्ड प्लेटफार्म है, जो अति0 पुलिस अधीक्षक(मध्य/यातायात) श्रीमती अनु बेनीवाल(भापुसे) द्वारा कोडिंग के ज़रिए बनाया गया है। प्लेटफार्म पर हर माल के सभी डिटेल जैसे अपराध क्रमांक, डिस्क्रिप्शन, लोकेशन, फोटो इत्यादि अपलोड करने पर यह ऑटोमैटिक यूनिक QR कोड जेनेरेट करता है। इस प्लेटफार्म पर विवेचक अपनी यूनिक आईडी और पासवर्ड से लॉगिन कर सकते है। माल की चैन ऑफ़ कस्टडी मेंटेन करने के लिए माल जब भी मालखाने से बाहर जाता है तो ले कर जाने वाले कर्मचारी का नाम एवं अधिकृत फॉर्म/ कोर्ट ऑर्डर अपलोड करना होता है। माल के चेक इन और डिस्पोजल के लिए भी इसी प्रकार से कस्टडी मेंटेन की जाती है। यह प्लेटफार्म हिंदी और अंग्रेज़ी भाषाओं में चलता है तथा ई-मालखाने और पहरा प्लेटफार्म की एक विशेषता यह भी है कि यह लगभग जीरो कॉस्ट में बनाया गया है। इसमें थाना पड़ाव की सबसे पुरानी जप्ती वर्ष 1993 की है।
निष्कर्ष :- इस नवाचार के माध्यम से ग्वालियर पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है, जिससे न केवल आंतरिक कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि आमजन का पुलिस पर विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ होगा।
विशेष भूमिका :- थाना प्रभारी पड़ाव शैलेन्द्र भार्गव, सउनि श्यामवीर सिंह सिकरवार, आरक्षक राकेश रावत की विशेष भूमिका रही।





