ग्वालियर। 01.09.2026। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) के निर्देश पर साइबर अपराधों में संलिप्त आरोपियों एवं साइबर फ्रॉड के लिए म्यूल बैंक खातों का उपयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साइबर क्राइम विंग ग्वालियर पुलिस द्वारा निवेश के नाम पर हुई 1,63,19,900/- रूपये की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बड़ी संख्या में डेबिट/प्रीपेड कार्ड, क्रेडिट कार्ड, चेकबुक, पासबुक एवं मोबाइल फोन जप्त किया गया है।
घटना का संक्षिप्त विवरण:- फरियादी मनीष जैन निवासी रामदास घाटी, ए.बी.रोड बहोड़ापुर ग्वालियर द्वारा थाना क्राइम ब्रांच में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 22.04.2026 से 20.07.2026 के मध्य निवेश के नाम पर उसके साथ धोखाधड़ी कर कुल 1,63,19,900/- रूपये की ठगी की गई है। फरियादी की रिपोर्ट पर से थाना क्राइम ब्रांच में अपराध क्रमांक 31/2026 धारा 318(4),319(2) बीएनएस एवं 66(डी) आईटी एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री सुजावल जग्गा(भापुसे) को उक्त प्रकरण में वांछित साइबर अपराधियों की पतारसी कर पकडवाने हेतु निर्देशित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के पालन में उप पुलिस अधीक्षक क्राइम श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार एवं उप पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम श्री मनीष यादव के मार्गदर्शन में प्रभारी साइबर क्राइम विंग ग्वालियर निरी0 धर्मेन्द्र सिंह कुशवाह के नेतृत्व में साइबर क्राइम विंग की टीम को उक्त प्रकरण में वांछित आरोपियों की पतारसी कर पकड़ने हेतु लगाया गया।
दौराने विवेचना पुलिस टीम द्वारा उक्त साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त बैंक खातों एवं उनमें हुए लेन-देन की तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि ठगी की राशि में से 31,00,000/- रूपये प्रथम लेयर के डच बैंक के करंट अकाउंट में ट्रांसफर हुई है। उक्त खाता बमराई ग्लोबल टेक्सटाईल प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई के नाम से संचालित होना पाया गया। प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस द्वारा प्रकरण में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी द्वारा बताया गया कि उसने अपने दोस्त के कहने पर मुंबई में उक्त फर्म खुलवाई थी। फर्म में उसका दोस्त भी डायरेक्टर है। आरोपी ने फर्म के नाम से डच बैंक के अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक एवं इंडसइंड बैंक में भी खाते खुलवाकर अपने दोस्त को उपलब्ध कराए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी व्हाट्सऐप एवं टेलीग्राम के ऐसे कई ग्रुपों से जुड़ा हुआ था, जिनमें म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त की जाती थी। इन ग्रुपों में देश के विभिन्न राज्यों के लोग जुड़े हुए थे, जो अपने-अपने क्षेत्र के बैंक खातों की जानकारी उपलब्ध कराते थे।
इन खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था। खाताधारकों से एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक आदि प्राप्त कर उनके बैंक खातों का पूरा एक्सेस साइबर फ्रॉड करने वाले व्यक्तियों को उपलब्ध कराया जाता था। इसके लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की सिम को अन्य मोबाइल में डालकर एसएमएस फॉरवर्डिंग एप इंस्टॉल करने जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाता था।
पकड़े गये आरोपी के कब्जे से 26 डेबिट कार्ड/प्रीपेड कार्ड, 05 क्रेडिट कार्ड, 05 चेकबुक, 05 पासबुक, 01 ड्रायविंग लाइसेंस, 01 पैन कार्ड एवं 01 मोबाइल फोन मय 02 सिम कार्ड के विधिवत जप्त किए गये। आरोपी से साइबर ठगी की रकम के लेन-देन, म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य व्यक्तियों तथा इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
जप्त मशरूकाः- कुल 26 डेबिट कार्ड/प्रीपेड कार्ड, 05 क्रेडिट कार्ड, 05 चेकबुक, 05 पासबुक, 01 ड्रायविंग लाइसेंस, 01 पैन कार्ड एवं 01 मोबाइल फोन मय 02 सिम कार्ड के जप्त किए गये।





