ग्वालियर। दिनांक 14.10.2026 – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह(भापुसे) के निर्देश पर ग्वालियर जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेज, कोचिंग संस्थान तथा सार्वजनिक स्थानों पर निरंतर साइबर क्राईम जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत दिनों दिन हो रहे नये साइबर अपराधों के बारे में जागरूक करने के लिए अति. पुलिस अधीक्षक (पश्चिम/अपराध) श्रीमती सुमन गुर्जर एवं डीएसपी अपराध श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार व डीएसपी श्री मनीष यादव के मार्गदर्शन में आज दिनांक 14.10.2026 को प्रभारी सायबर क्राइम विंग निरी0 धर्मेन्द्र सिंह कुशवाह व साइबर क्राइम विंग के उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा व आर0 रोहित शर्मा के द्वारा सेंट जॉन वियान्नी स्कूल ग्वालियर में सायबर सुरक्षा के बारे में छात्र-छात्राओं और स्कूल के स्टाफ को जागरूक किया गया। सेमिनार में करीब 300 छात्र-छात्राएं व स्कूल स्टाफ उपस्थित रहे।

उक्त सेमिनार में साइबर क्राइम विंग के प्रभारी सायबर क्राइम विंग निरी0 धर्मेन्द्र सिंह कुशवाह द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया अकाउंट प्राइवेट न रखने, टू स्टेप वेरीफिकेशन न करने तथा बिना जाँचे किसी की भी मित्रता स्वीकार करने से होने वाली हानि एवं ख़तरों के बारे में बताया, साथ ही डिजिटल अरेस्ट जैसे स्केम, पार्ट टाइम जॉब के नाम पर होने वाली ठगी, ऑनलाइन गेम की आदत लग जाने से होने वाली परेशानियों के बारे में विस्तार से बताया गया। सेमिनार में उन्होने कहा कि ट्रस्टेड वेवसाइड एवं ई-कॉमर्स कंपनियों से ही ऑनलाइन खरीददारी करें।

उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा ने अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को वर्तमान समय में होने वाले साइबर फ्रॉड के विभिन्न अपराधों तथा महिला संबंधी अपराधों से अवगत कराया। उन्होने वर्तमान में पुलिस के पास आने वाली साइबर अपराध संबंधी शिकायतों को साझा किया। कार्यक्रम में उनके द्वारा मुख्यतः छात्र-छात्राओं को स्मार्ट फोन का उपयोग करते समय कौन-कौन सी सावधानियां बरतें इसके संबंध में बताया गया। इस अवसर पर उन्होने साइबर अपराधों से बचने के उपायों से भी अवगत कराया जाकर साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में जानकारी दी गई।

इसके साथ ही इस अवसर पर स्कूल के छात्र छत्राओं को नशे से होने वाले दुष्परिणामों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान बच्चों को बताया गया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ उसके परिवार और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, अपने मित्रों एवं परिजनों को भी नशा न करने के लिए प्रेरित करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की समझाइश दी गई। साथ ही बच्चों को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

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