🔴 पकड़े गये तीनों आरोपीगणों में से एक आरोपी के खाते में ठगी की राशि के 29 हजार रूपये ट्रांसफर हुये थे।
🔴 आरोपियों के पास से 03 मोबाइल फोन व विभिन्न बैंकों के 06 एमटीएम कार्ड मिले है।
🔴 आरोपीगण बॉयज हॉस्टल में रहकर स्टूडेंट्स को पैसों का लालच देकर सायबर फ्रॉड की राशि उनमें ट्रांसफर कराने के लिये बैंक खाता खुलवाने हेतु प्रोत्साहित करते थे।
🔴 उक्त आरोपीगण बैंक खातों मंे सायबर फ्रॉड का पैसा लेन-देन कराने हेतु चाइनीज साइबर अपराधियों को 06 प्रतिशत कमीशन के एवज में देते थे।
🔴 उक्त तीनों आरोपियों को पुलिस ने नोएडा से पकड़ा है एवं उक्त प्रकरण में 02 आरोपियों को पूर्व में पकड़ा जा चुका है।

ग्‍वालियर। 10.02.2025। पुलिस अधीक्षक ग्वालियर धर्मवीर सिंह,भापुसे को आवेदक अवसार अहमद निवासी टेकनपुर ग्वालियर ने एक शिकायती आवेदन पत्र दिया था कि मेरे पास व्हाट्सअप पर एक अंजान व्यक्ति का कॉल आया और बोला कि मैं मुम्बई सायबर ब्रांच से बोल रहा हूँ आपके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के केस में अरेस्ट वारंट है और आपकी फैमली को भी अरेस्ट करने के ऑर्डर है और कहा कि अभी आप 15 लाख रुपये जमा करो आपका केस खत्म होने पर आपको लौटा दिये जायेगें। इस तरह से बारी-बारी मुझसे लगभग 71 लाख रुपये की डिजिटल अरेस्ट कर धोखाधडी की गई है। सायबर ठगाें द्वारा बातों में लेकर 71 लाख रुपये विभिन्न बैक एकाउन्ट में ट्रांसफर करा लिये गये है। उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुये पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा अति0 पुलिस अधीक्षक (पूर्व/अपराध/यातायात) श्री कृष्ण लालचंदानी,भापुसे को क्राइम ब्रांच ग्वालियर की सायबर क्राइम विंग से उक्त प्रकरण के आरोपियों की पतारसी कर उन्हे पकड़ने हेतु निर्देशित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशो के परिपालन में डीएसपी अपराध श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच निरीक्षक हितेंद्र सिंह राठौर के द्वारा सायबर क्राइम विंग की टीम को उक्त प्रकरण में वाछिंत आरोपियों को पकड़ने हेतु लगाया गया। दौराने विवेचना पुलिस टीम द्वारा बैंकिंग व तकनीकी सहायता के आधार पर उन बैंक खातों की जानकारी एकत्रित की गई जिनमें ठगी के पैसे ट्रांसफर कराये गये थे। बैंक खातों की जानकारी एकत्रित कर पुलिस टीम ने पूर्व में उरई जिला जालौन (उ.प्र.) से दो खाताधारकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। विवेचना के क्रम में पुलिस टीम द्वारा अन्य बैंक खातों की जानकारी एकत्रित की गई तो ज्ञात हुआ कि फरियादी द्वारा घटना के दौरान 29,000/- रुपये जिस बैंक खाता में स्थानांतरित किये थे, वह खाता नोएडा उ.प्र. में संचालित होना पाया गया। जिसके आधार पर पुलिस टीम द्वारा निवासी नोएडा उ.प्र. मूल निवासी कोटा राजस्थान खाताधारक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसकी निशादेही पर उसके अन्य दो साथियों को नोएडा उ.प्र. से गिरफ्तार किया गया। पुलिस टीम द्वारा पकड़े गये आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई तो उन्होने बताया कि वह बॉयज हॉस्टल में रहकर स्टूडेंट्स को पैसों का लालच देकर सायबर फ्रॉड की राशि उनमें ट्रांसफर कराने के लिये बैंक खाता खुलवाने हेतु प्रोत्साहित करते थे। उसके बाद वह स्टूडेंट्स के बैंक खातों को टेलीग्राम पर अपने चाइनीज साइबर अपराधियों को खाता भेजकर उन बैंक खातों मे सायबर फ्रॉड का पैसा लोगों से ठगी कर स्थानांतरित कराते थे। इसके एवज में चाइनीज ठगों द्वारा उन्हे 06 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। पकड़े गये आरोपियों द्वारा खातों मंे आए ठगी के पैसों को एटीएम कार्ड के माध्यम से नगद अथवा ऑनलाइन निकासी कर 06 प्रतिशत कमीशन काटकर अन्य राशि की यूएसडीटी चाइनीज सायबर अपराधियों को उनके बताये गये वॉलेट में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया जाता था। पकड़े गये तीनों आरोपीगण नोएडा के कॉलेजों में छात्र हैं। पकड़े गये आरोपियों से 03 मोबाइल फोन, एवं विभिन्न बैंकों के 06 एटीएम कार्ड विधिवत जप्त किये गये है। पुलिस टीम द्वारा पकड़े गये आरोपियों के पास से मिले मोबाइलों से चाइनीज सायबर अपराधियों के संबंध में जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आमजन के लिए सूचनाः- किसी अंजान नम्बर से कॉल आने पर अपने क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड व बैक संबंधी जानकारी व ओटीपी ना बतायें । किसी प्रकार का सायबर फ्रॉड होने पर अपने नजदीकी थाना या 1930 पर सम्पर्क कर शिकायत करें।

बरामद मशरूका:- 03 मोबाइल फोन, एवं विभिन्न बैंकों के 06 एटीएम कार्ड जप्त किये।

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