मां की मृत्यु के बाद गहरे सदमे में डूबे मानसिक रूप से कमजोर भाई-बहन के लिए कोतवाली पुलिस ने संवेदनशीलता और मानवीयता का परिचय देते हुए दोनों को बेहतर देखभाल हेतु स्वर्ग सदन आश्रम पहुंचाया, ताकि वह सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। कोतवाली पुलिस टीम जब दोनों भाई बहिन को लेने उनके घर पहुंची तो दोनों तैयार नहीं हुए। इस पर थाना प्रभारी कोतवाली मोहिनी वर्मा ने आत्मीयता से समझाया कि आश्रम के लोग उनके दोस्त की तरह हैं और उनका पूरा ध्यान रखेंगे। अंततः परिजनों की सहमति से दोनों पुलिस के साथ चलने को तैयार हो गए। ग्वालियर पुलिस की यह पहल दर्शाती है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए सहारा और संवेदना का प्रतीक भी है।





