🔴 व्हाट्सएप चैट से खुला फर्जी शादी का राज, शादी के नाम पर युवक से लाखों की धोखाधड़ी।
🔴 दुल्हन को अनाथ और गरीब बताकर ब्यूटीपार्लर और वर पक्ष को नजरें(उपहार ) देने के लिए फरियादी से आरोपियों ने लिए थे करीबन नगद 50000/- रूपए।
🔴 आरोपी अजय उर्फ़ सोनू की 2009 में सामाजिक शादी होकर उससे बच्चे हैं, दीक्षा मुदगल है अजय की दूसरी पत्नि।
🔴 अजय और उसके परिवार वालों ने अजय की पहली पत्नि को संतुष्ट करने के लिए दिखावे के लिए करवाई थी दीक्षा उर्फ़ राधा मुदगल की रतन से शादी।
🔴 आरोपीगणों का फरियादी से शादी के कुछ समय बाद घरेलू हिंसा/दहेज प्रताड़ना के मामले में फसांने की धमकी देकर रूपये एंठने का प्लान था।
ग्वालियर दिनांक 24.05.2026।
*घटना का संक्षिप्त विवरण*:- फरियादी रतन शर्मा निवासी नाका चन्द्रवदनी, थाना झांसीरोड, ग्वालियर द्वारा थाना झांसीरोड पर एक शिकायती आवेदन प्रस्तुत कर बताया गया कि वह अपोलो हॉस्पिटल जबलपुर के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में टीम लीडर के पद पर कार्यरत है एवं जबलपुर में निवास करता है। फरियादी ने बताया कि वह पांच भाई हैं तथा सभी अविवाहित हैं, जिसके चलते उन्होंने अपने रिश्तेदारों एवं परिचितों को उपयुक्त वैवाहिक रिश्ता बताने के लिए कहा हुआ था।
दिनांक 15.04.2026 को सोनू तिवारी ने फरियादी के भाई गोविन्द शर्मा को बताया कि उसका परिचित सोनू उर्फ अजय चौहान अपनी मुंहबोली बहन राधा उर्फ दीक्षा मुदगल का रिश्ता करना चाहता है। इस सूचना पर दिनांक 20.04.2026 को फरियादी के परिवारजन ग्वालियर के किलागेट क्षेत्र में उक्त युवती को देखने गए। फरियादी उस समय जबलपुर में था। परिवारजनों द्वारा युवती को पसंद किए जाने पर उसकी फोटो फरियादी को भेजी गई, जिसे देखकर उसने भी सहमति प्रदान कर दी। इसके उपरांत दिनांक 27.04.2026 को फरियादी के घर पर गोद भराई एवं सगाई का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सोनू उर्फ अजय चौहान राधा उर्फ दीक्षा मुदगल को अपनी मुंहबोली बहन बताकर लाया। इसके बाद दिनांक 07.05.2026 को सुखसागर होटल, पाटनकर चौराहा, ग्वालियर में हिन्दू रीति-रिवाज से दोनों का विवाह सम्पन्न कराया गया। विवाह समारोह में दोनों पक्षों के परिजन एवं अन्य लोग उपस्थित रहे। विवाह की व्यवस्था एवं दुल्हन के जेवर आदि पर फरियादी द्वारा लगभग 06 लाख रुपये खर्च किए गए।
विवाह के पश्चात राधा उर्फ दीक्षा मुदगल फरियादी के साथ उसके घर नाका चंद्रवदनी आकर रहने लगी। इस दौरान फरियादी को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ, क्योंकि वह लगातार मोबाइल पर किसी से बातचीत करती रहती थी। संदेह होने पर फरियादी ने उसका मोबाइल चेक किया, जिसमें व्हाट्सएप चैट एवं अन्य जानकारी से ज्ञात हुआ कि राधा उर्फ दीक्षा मुदगल एवं सोनू उर्फ अजय चौहान भाई-बहन नहीं बल्कि वर्ष 2024 में आर्य समाज मंदिर, गोविन्दपुरी ककरेठा, सिकंदरा (आगरा) में विधिवत विवाह कर चुके हैं तथा पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे थे। फरियादी ने आरोपी लगाया कि सोनू उर्फ अजय चौहान, उसकी मां माया देवी, बहन शिल्पी परमार, जीजा राघवेन्द्र परमार, भाई सतेन्द्र चौहान, राधा उर्फ दीक्षा मुदगल तथा सोनू तिवारी ने आपस में षड्यंत्र रचकर राधा उर्फ दीक्षा को अविवाहित बताकर धोखाधड़ीपूर्वक फरियादी से झूठा विवाह कराया और आर्थिक लाभ प्राप्त करने की नियत से उसके साथ छल किया। पुलिस द्वारा जांच कर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना में लिया गया।
उक्त मामला संज्ञान में आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह,भापुसे के निर्देश पर अति. पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्रीमती अनु बेनीवाल(भापुसे) द्वारा थाना प्रभारी झांसीरोड़ को उक्त प्रकरण में वांछित आरोपियों के खिलाफ शीघ्र कार्यवाही हेतु लगाया गया। वरिठ अधिकारियों के निर्देशानुसार सीएसपी विश्वविद्यालय हिना खान(रापुसे) के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी झांसीरोड़ निरीक्षक शक्ति सिंह यादव द्वारा थाना झांसीरोड़ पुलिस टीम उक्त प्रकरण के आरोपियों की धरपकड़ हेतु लगाया।
दौरान थाना झांसीरोड़ पुलिस ने राधा उर्फ दीक्षा मुदगल को अभिरक्षा में लिया गया और उक्त प्रकरण के मुख्य आरोपी सोनू उर्फ अजय प्रताप सिंह चौहान पुत्र मोहन सिंह चौहान उम्र 34 साल निवासी केशव कॉलोनी मुरैना की तलाश की गई जिसे आज दिनांक 24.05.2026 को पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी तथा राधा उर्फ दीक्षा मुदगल की शादी हो चुकी है और वह दोनों पति-पत्नी हैं। उसके द्वारा फरियादी रतन शर्मा को शादी के नाम पर ठगने के लिये अपनी पत्नी की झूठी शादी कराई थी।
पुलिस द्वारा आरोपी से की गई पूछताछ में ज्ञात हुआ हैै कि आरोपी वर्ष 2009 से शादीशुदा है इसने एक अन्य लड़की से भी शादी की है और उसके बच्चे भी है तथा राधा उर्फ दीक्षा मुदगल उसकी दूसरी पत्नी है। दुल्हन को अनाथ और गरीब बताकर ब्यूटीपार्लर और वर पक्ष को नजरें(उपहार ) देने के लिए फरियादी से आरोपियों ने करीबन नगद 50000/- रूपए लिए थे। अजय और उसके परिवार वालों ने अजय की पहली पत्नि को संतुष्ट करने के लिए दिखावे के लिए दीक्षा उर्फ़ राधा मुदगल की रतन से शादी करवाई थी, जिससे उसकी पूर्व पत्नी कोई कानूनी कार्यवाही न करें। आरोपीगणों का फरियादी से शादी के कुछ समय बाद घरेलू हिंसा/दहेज प्रताड़ना के मामले में फसांने की धमकी देकर रूपये एंठने का प्लान था। पुलिस उक्त षड्यंत्र रचकर और राधा उर्फ दीक्षा को अविवाहित बताकर धोखाधड़ीपूर्वक फरियादी से शादी कराने वाले फरार अन्य आरोपियों की पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है।





