🔴 फर्जी सिमों द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में साइबर फ्रॉड की वारदातों को अंजाम दिया गया था।
🔴 उक्त सिम विक्रिताओं के द्वारा आम नागरिकों के आधार कार्ड, फोटो एवं फिंगरप्रिंट का दुरुपयोग कर फर्जी सिम जारी की गई थीं।

ग्वालियर। दिनांक 01.09.2026 – पुलिस महानिदेशक महोदय म.प्र. के आदेशानुसार एवं राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्देशित ऑपरेशन फास्ट 2.0 संदिग्ध पीओएस/सिम धारक/एजेंट्स/फेक सिम यूजर एवं अन्य संदिग्धों के विरूद्ध त्वरित वैधानिक कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया गया था। जिसके तहत पुलिस उप महानिरीक्षक ग्वालियर रेंज ग्वालियर के निर्देशों के पालन में एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) के निर्देशन में ग्वालियर जिले में अभियान ऑपरेशन फास्ट 2.0 चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में ऑपरेशन फास्ट 2.0 के नोड़ल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (मध्य/यातायात) श्री सुजावल जग्गा(भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (पूर्व) डॉ० शिवेश सिंह बघेल (रापुसे) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री जयराज कुबेर (रापुसे) के द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने थानों में संदिग्ध पीओएस/सिम धारक/एजेंट्स/फेक सिम यूजर एवं अन्य के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही कराने हेतु निर्देशित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के परिपालन में डीएसपी अपराध श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार एवं डीएसपी अपराध श्री मनीष यादव के कुशल मार्गदर्शन में विभिन्न थानांे एवं तकनीकी सेल की सयुक्त टीमें बनाकर एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जॉच कर संदिग्ध पीओएस, सिम धारक, एजेंट्स, फेक सिम यूजर्स एवं अन्य संदिग्धों के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु लगाया गया।

पुलिस टीम ने एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न साइबर अपराध संबंधी शिकायतों की जांच के दौरान पाया कि कई शिकायतों में ऐसे मोबाइल नंबरों का उपयोग किया गया है, जो अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर जारी हैं तथा जांच के उपरांत जो भी संदिग्ध पीओएस पाया गया उसके विरुद्ध संबंधित थाना मोहना, महाराजपुरा, सिरोल, पुरानी छावनी, हस्तिनापुर, बिजौली, भितरवार, मुरार एवं हजीरा में कुल 09 प्रकरण दर्ज किए गये जिनमें संदिग्ध पीओएस द्वारा आम नागरिकों के दस्तावेजों (आधार कार्ड, फोटो एवं फिंगरप्रिंट,आदि) का दुरुपयोग कर फर्जी सिम जारी किये गये एवं इन फर्जी सिमों द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में कुल 12 करोड 20 लाख रुपये का साइबर फ्रॉड किया गया था।

थाना मोहना, महाराजपुरा, सिरोल, पुरानी छावनी, हस्तिनापुर, बिजौली, भितरवार, मुरार एवं हजीरा में संपूर्ण जांच एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध धारा 318(4),316(2) बीएनएस एवं 66 (सी) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

 

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