🔴 पुरानी रंजिश को लेकर थाना ग्वालियर परिसर में दोनों पक्षों के बीच हुआ था विवाद, पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली।
🔴 आरोपी विकास उर्फ ब्लैकी कुशवाह के विरुद्ध पूर्व से हत्या के प्रयास, चोरी, जुआ एवं मारपीट सहित 05 अपराध दर्ज।
🔴 स्थाई गिरफ्तारी वारंट में गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष किया पेश, जहां से जेल भेजा गया।

ग्वालियर, दिनांक 10.10.2026। थाना ग्वालियर परिसर में दिनांक 09.10.2026 को दो पक्षों के मध्य हुए विवाद के मामले में थाना प्रभारी ग्वालियर निरीक्षक प्रशांत शर्मा के मार्गदर्शन में ग्वालियर पुलिस द्वारा तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। मामले में फरियादी कुलदीप सिकरवार की रिपोर्ट पर आरोपी विकास उर्फ ब्लैकी कुशवाह के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। साथ ही, आरोपी को पूर्व से जारी स्थाई गिरफ्तारी वारंट के पालन में गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण:- दिनांक 09.10.2026 को शाम करीब 06ः30 बजे फरियादी कुलदीप सिकरवार पुत्र स्व. राजबहादुर सिंह सिकरवार, उम्र 43 वर्ष, निवासी कोटावाला मोहल्ला, ग्वालियर तथा दूसरे पक्ष के विकास उर्फ ब्लैकी कुशवाह पुत्र प्रेमबाबू कुशवाह, उम्र 20 वर्ष, निवासी किलागेट, ग्वालियर के बीच पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज एवं विवाद हुआ था। इसी संबंध में दोनों पक्ष बारी-बारी से थाना ग्वालियर पहुंचे थे। थाना परिसर में आमना-सामना होने पर दोनों पक्षों के बीच पुनः मुंहवाद एवं झगड़े की स्थिति निर्मित हो गई, जिस पर उपस्थित पुलिस बल ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग-अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया।

दोनों पक्षों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के दौरान दूसरे पक्ष के आरोपी विकास उर्फ ब्लैकी कुशवाह के विरुद्ध पूर्व से हत्या के प्रयास, चोरी, जुआ एवं मारपीट सहित कुल 05 अपराध पंजीबद्ध होना पाए गए। आरोपी के पिछले कई दिनों से घर से फरार होने की जानकारी भी सामने आई। मामले की तस्दीक के बाद फरियादी कुलदीप सिकरवार की रिपोर्ट पर आरोपी विकास उर्फ ब्लैकी कुशवाह के विरुद्ध थाना ग्वालियर में अपराध क्रमांक 551/2026, धारा 296, 351(3) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।

स्थाई गिरफ्तारी वारंट में भी था वांछित:- आरोपी विकास उर्फ ब्लैकी कुशवाह के विरुद्ध पूर्व के प्रकरण क्रमांक 632/22, अपराध क्रमांक 297/21, धारा 294, 323, 506 भादवि में स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी था। उक्त वारंट के पालन में आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

keyboard_arrow_up
Skip to content