ग्वालियर। 16.10.2026 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह(भापुसे) के निर्देश पर ग्वालियर पुलिस द्वारा विभिन्न प्रकरणों में फरार आरोपियों की धरपकड़ हेतु प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी तारतम्य में अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री जयराज कुबेर द्वारा थाना प्रभारी गिजोर्रा को थाना के अप0क्र0- 116/26 धारा 303(2) बीएनएस के प्रकरण में भैंसे चोरी करने वाले आरोपियों को पकड़ने हेतु निर्देशित किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के परिपालन में एसडीओपी डबरा श्री सौरभ कुमार के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गिजोर्रा उप निरी. उपेन्द्र सिंह धाकड़ के द्वारा थाना बल की टीम को उक्त प्रकरण के फरार आरोपियों की धरपकड़ हेतु लगाया गया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
दौराने विवेचना पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल के आसपास के लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज चेक कर एक लोडिंग वाहन क्रमांक यूपी84-एटी-3897 को चिन्हित कर उसके मालिक को तलाश किया गया। दिनांक 15.10.2026 को पुलिस टीम द्वारा लोडिंग वाहन मालिक अनुज पुत्र कृपाल सिंह राठौर उम्र 42 साल निवासी ग्राम कुरावली जिला मैनपुरी को पकड़ लिया गया। पकड़े गये वाहन मालिक से उक्त प्रकरण के संबंध में गहनता पूछताछ करने पर उसके द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उक्त अपराध कारित करना स्वीकार किया।
पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त लोडिंग वाहन को पूर्व में थाना नूराबाद से जब्त किया जा चुका है। इसी गैंग ने नूराबाद में भी भैंस चोरी की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस द्वारा उक्त आरोपी को थाना गिजोर्रा के अपराध सदर में विधिवत गिरफ्तार किया जाकर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल में दाखिल कराया गया। पुलिस द्वारा उक्त प्रकरण में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
घटना का संक्षिप्त विवरणः- फरियादी रामस्वरूप गुर्जर निवासी ग्राम बीजलपुर थाना उटीला जिला ग्वालियर ने थाना गिजोर्रा में रिपोर्ट लेख कराई कि दिनांक 09.09.2026 की रात को मेरा भतीजा जंगल में चुकदेही हनुमान जी के मंदिर पर ग्राम सिंहपुर में मेरी और अपनी भैंसों को चरा रहा था। सुबह जब मेरा भतीजा रामवीर गुर्जर ने मुझे फोन पर बताया कि रात में भैंसे चरा रहा था। तभी जंगल में रोड तरफ से कुछ लोग आये और रोड किनारे चर रहीं आपकी तीन भैसों को बोलेरो पिक अप गाडी में डालकर अपने साथ ले गये। फरियादी की रिपोर्ट पर से थाना गिजोर्रा में अप0क्र0 116/26 धारा 303(2) बीएनएस का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।





