ग्वालियर दिनांक 13.02.2026।

ज्ञात हो कि फरियादी भास्कर शर्मा निवासी शताब्दीपुरम ने ग्वालियर क्राइम ब्रांच में रिपोर्ट लेख कराई थी कि वह ट्रेवल एजेन्सी के माध्यम से अन्य लोगों को गाडियों की सर्विस प्रोवाइड करवाता है। अभय भदौरिया नाम के व्यक्ति ने स्वयं को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में मैनेजर के पद पर बताया और उससे करीब 19 चार पहिया गाड़ी कंपनी में किराये पर लगाने के लिए ली थी। अभय भदौरिया द्वारा उन सभी गाड़ियों को गिरवी रखकर रूपये ले लिये गये थे। जिस थाना क्राइम ब्रांच में अप0क्र0- 04/26 धारा 318(4),319(2),338,336(3),340(2) बीएनएस का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

इसी प्रकार फरियादी रघुवीर रजक निवासी लोहार मौहल्ला पुरानी छावनी ने भी अभय भदौरिया के द्वारा उक्त अनुसार ही 20 गाड़िया किराए पर ली है। जिस पर से फरियादी की शिकायत पर से प्रथम दृष्टया पर आरोपी व अज्ञात के खिलाफ थाना क्राइम ब्रांच में अप0क्र0- 05/26 धारा 318(4) बीएनएस का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर धर्मवीर सिंह(भापुसे)* द्वारा *अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती विदिता डागर(भापुसे), श्रीमती सुमन गुर्जर* को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। उनके मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच टीम का गठन कर *डीएसपी श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार, श्री मनीष यादव* के नेतृत्व में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की गई।

क्राइम ब्रांच टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजी जांच एवं संभावित स्थानों पर दबिश देते हुए आरोपी अभय भदौरिया को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी द्वारा वाहनों को गिरवी रखकर धनराशि प्राप्त करना स्वीकार किया गया। आरोपी को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। विवेचना के दौरान जप्त किए गए वाहनों के संबंध में आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर माननीय न्यायालय के आदेशानुसार सभी वाहन उनके वास्तविक वाहन स्वामियों को सुपुर्द किए गए।

ग्वालियर पुलिस की इस त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी कार्रवाई से वाहन स्वामियों को बड़ी राहत एवं खुशी प्राप्त हुई है। साथ ही यह स्पष्ट संदेश गया है कि धोखाधड़ी एवं विश्वासघात जैसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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