🔴 *द्वितीय बटालियन परिसर में पुलिस परिवारों को साइबर सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक।*
🔴 *मजदूर वर्ग, ग्रामीणजनों को म्यूल बैंक अकाउंट एवं सिम फ्रॉड से बचने की दी गई जानकारी।*
🔴 *सेंट जॉन वियानी स्कूल के शिक्षकों को साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल सतर्कता का दिया गया प्रशिक्षण।*
ग्वालियर। 30.06.2026 । मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित प्रदेशव्यापी विशेष साइबर जागरूकता अभियान ‘‘सेफ क्लिक 2.0‘‘ के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) के निर्देशन एवं अभियान के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुजावल जग्गा (भापुसे) के मार्गदर्शन में आज जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दौरान पुलिस द्वारा विद्यार्थियों, शिक्षकों, मजदूरों, ग्रामीणों, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित विभिन्न वर्गों के नागरिकों को साइबर अपराधों के नवीन तरीकों एवं उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी प्रदान करते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में थाना पुरानी छावनी क्षेत्र स्थित सेंट जॉन वियानी स्कूल में ‘‘सेफ क्लिक 2.0‘‘ अभियान के तहत विद्यालय के शिक्षकों एवं स्टाफ के लिए विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीएसपी महाराजपुरा श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार ने उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यालयीन स्टाफ को संबोधित करते हुए कहा कि आज शिक्षा क्षेत्र में ऑनलाइन कक्षाओं, ई-मेल, डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन भुगतान, मोबाइल एप एवं विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, ऐसे में साइबर अपराधी शिक्षकों एवं शैक्षणिक संस्थानों को भी अपना निशाना बना रहे हैं। उन्होंने फिशिंग लिंक, फर्जी ई-मेल, ओटीपी फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैम, सोशल मीडिया हैकिंग, डिजिटल अरेस्ट, निवेश संबंधी धोखाधड़ी तथा फर्जी कस्टमर केयर कॉल जैसे साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन पर उन्होने प्रभावी संदेश देते हुए कहा कि साइबर क्राइम के तीन मुख्य आधार हैं डर, लालच और जागरूकता की कमी। यदि हम इन तीनों से स्वयं को दूर रखें और प्रत्येक ऑनलाइन गतिविधि के दौरान सतर्क एवं जागरूक रहें, तो अधिकांश साइबर अपराधों से आसानी से बचा जा सकता है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

थाना कंपू द्वारा द्वितीय बटालियन स्थित सामुदायिक भवन में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कमांडेंट द्वितीय बटालियन, डीएसपी श्रीमती पूनम शर्मा, थाना प्रभारी कंपू श्री अमर सिंह सिकरवार, व थाना स्टॉफ द्वारा उपस्थित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा संबंधी पम्पलेट वितरित किए गए तथा डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने, संदिग्ध लिंक एवं कॉल से सतर्क रहने, ओटीपी एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करने तथा सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। क्रार्यक्रम के अंत में सभी को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।
थाना झांसी रोड द्वारा नाका चन्द्रवदनी चौराहा पर एकत्रित मजदूरों एवं आमजन के बीच साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उप निरीक्षक मोहिनी वर्मा एवं उप निरीक्षक आशीष शर्मा ने साइबर अपराधियों द्वारा गरीब एवं मजदूर वर्ग को लालच देकर ’’म्यूल बैंक अकाउंट खुलवाने, सिम एक्टिवेट कराने, फर्जी लोन का प्रलोभन देने तथा बैंक खातों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने’’ जैसे अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड, निवेश संबंधी धोखाधड़ी, डेटा चोरी, साइबर बुलिंग एवं पहचान चोरी से बचाव के उपाय बताए गए।
थाना गिजोर्रा द्वारा ग्राम गिजोर्रा में ग्रामीणजनों के बीच साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सहायक उप निरीक्षक हरिओम शर्मा ने ग्रामीणों को एपीके फाइल के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी, केबाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, बैंक अधिकारी बनकर किए जाने वाले फर्जी कॉल, अज्ञात लिंक भेजकर वित्तीय धोखाधड़ी तथा सोशल मीडिया के दुरुपयोग’’ से बचने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सुरक्षा फीचर्स का उपयोग करने तथा किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की जानकारी तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन ’’1930’’ पर देने के लिए प्रेरित किया।
थाना मुरार द्वारा ’’गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, मुरार’’ में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधान आरक्षक देवेन्द्र तोमर एवं आरक्षक राहुल जाट ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूप, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन गेमिंग एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में जानकारी दी। साथ ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, साइबर दोस्त, के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
इसी क्रम में ग्वालियर जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों, ग्रामीण क्षेत्रों, बाजारों तथा विभिन्न संस्थानों में पहुंचकर नागरिकों को साइबर अपराधों के बदलते तरीकों एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकार





