🔴 कार्यक्रम में बैंक कर्मियों को बैंक में आने वाले खाता धारकों को सायबर सुरक्षा के बारे में जानकारी देकर जागरूक करने का अनुरोध किया गया।
🔴 बैंक कर्मियों को बैंक में खाता खोलते समय की जाने की वाली सावधानियां व आवश्यक वैरीफिकेशन के संबंध में जानकारी दी गई।
🔴 म्यूल खाता खुलवाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिये गये।
ग्वालियर। दिनांक 31.10.2026 – प्रभारी पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री जयराज कुबेर(रापुसे) के निर्देश पर ग्वालियर जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेज, कोचिंग संस्थान तथा सार्वजनिक स्थानों पर निरंतर साइबर क्राईम जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत दिनों दिन हो रहे नये साइबर अपराधों के बारे में जागरूक करने के लिए डीएसपी अपराध श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार व डीएसपी श्री मनीष यादव के मार्गदर्शन में आज दिनांक 31.10.2026 को साइबर क्राइम विंग के उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा व आर0 सुमित भदौरिया के द्वारा बैंक ऑफ बडौदा रीजनल ऑफिस सिटी सेंटर ग्वालियर में सायबर सुरक्षा के बारे में बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों को जागरूक किया गया। सेमिनार में करीब 50 बैंक कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

उक्त सेमिनार में साइबर क्राइम विंग के उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा द्वारा उपस्थित बैंक कर्मियों को बैंक में खाता खोलते समय की जाने की वाली सावधानियां व आवश्यक वैरीफिकेशन के संबंध में, सोशल मीडिया अकाउंट प्राइवेट न रखने, टू स्टेप वेरीफिकेशन न करने तथा बिना जाँचे किसी की भी मित्रता स्वीकार करने से होने वाली हानि एवं ख़तरों के बारे में बताया, साथ ही डिजिटल अरेस्ट जैसे स्केम, पार्ट टाइम जॉब के नाम पर होने वाली ठगी के बारें में बताया गया। सेमिनार में उन्होने कहा कि ट्रस्टेड वेवसाइड एवं ई-कॉमर्स कंपनियों से ही ऑनलाइन खरीददारी करें।
इस अवसर पर उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित बैंक कर्मियों को बैंक में म्यूल खाता खुलवाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिये गये। उन्होने वर्तमान में पुलिस के पास आने वाली साइबर अपराध संबंधी शिकायतों को साझा किया एवं मुख्यतः स्मार्ट फोन का उपयोग करते समय कौन-कौन सी सावधानियां बरतें इसके संबंध में बताया गया। साथ ही उन्होने सभी बैंक कर्मियों से अनुरोध किया कि बैंक में आने वाले खाता धारकों को भी सायबर सुरक्षा के बारे में जानकारी देकर जागरूक करें। इस अवसर पर उन्होने साइबर अपराधों से बचने के उपायों से भी अवगत कराया जाकर साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में जानकारी दी गई।





