🔴 *अभियान के तहत बाल भवन में हुआ साइबर हैकथॉन का आयोजन, 20 टीमों ने भाग लेकर अपने-अपने साइबर सुरक्षा संबंधी प्रोजेक्ट से दिखाया तकनीकी कौशल।*
🔴 *एसएसपी ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह ने युवाओं से कहा- तकनीक का उपयोग समाज और देश की सुरक्षा के लिए करें।*
🔴 *युवा नवाचार से मजबूत होगी साइबर सुरक्षा ग्वालियर पुलिस की हैकथॉन में उभरे तकनीकी समाधान।*
ग्वालियर। 07.07.2026। पुलिस महानिदेशक महोदय मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित प्रदेशव्यापी साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान ‘‘सेफ क्लिक 2.0‘‘ के अंतर्गत आज ग्वालियर पुलिस द्वारा बाल भवन सभागार में साइबर हैकथॉन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं आईटी क्षेत्र से जुड़ी 20 टीमों ने सहभागिता कर साइबर सुरक्षा एवं पुलिसिंग से जुड़ी चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) द्वारा किया गया।
इस अवसर पर अभियान के नोड़ल अधिकारी अति. पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री सुजावल जग्गा(भापुसे), स्टेट साइबर सेल से डीएसपी श्री संजीव नयन शर्मा, साइबर एक्सपर्ट डॉ. कुलभूषण सिंह यादव (एडवोकेट, एमपी हाईकोर्ट), उनि. शैलेन्द्र सिंह राठौर, साइबर क्राइम विंग प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुशवाह, उनि. हरेन्द्र राजपूत, उनि. धर्मेन्द्र शर्मा सहित विभिन्न कॉलेजों, विश्वविद्यालयों एवं निजी कंपनियों के एक सैकड़ा से अधिक विद्यार्थी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

बाल भवन सभागार, ग्वालियर में आयोजित हैकथॉन प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह(भापुसे) ने उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग तकनीक और नवाचार का युग है। आप युवा पीढ़ी अपनी प्रतिभा, रचनात्मक सोच एवं तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज और देश के हित में करें। उन्होंने कहा कि हैकथॉन जैसी प्रतियोगिताएं केवल प्रतिस्पर्धा का मंच नहीं हैं, बल्कि नई तकनीकी समस्याओं के समाधान खोजने और नवाचार को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी भूमिका को समझने का आह्वान करते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग सदैव सकारात्मक एवं जिम्मेदारीपूर्वक करें। साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक रहें तथा अपने परिवार और समाज को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले युवा भविष्य में ऐसे तकनीकी समाधान विकसित करेंगे, जो समाज, पुलिस एवं देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
हैकथॉन प्रतियोगिता में आईटीएम विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय, जीवाजी विश्वविद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं निजी कंपनियों के प्रतिभागियों ने समूह बनाकर ग्वालियर पुलिस द्वारा निर्धारित विषयों पर आधारित अपने तकनीकी प्रोजेक्ट तैयार किए। प्रत्येक टीम को अपने प्रोजेक्ट का 15 मिनट का लाइव डेमो एवं प्रेजेंटेशन साइबर विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। प्रतिभागियों ने आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डिजिटल नवाचार का उपयोग करते हुए ऐसे समाधान प्रस्तुत किए, जो पुलिस की कार्यकुशलता बढ़ाने, अपराधों की शीघ्र पहचान करने तथा साइबर अपराधों की रोकथाम में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।
साइबर विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी गुणवत्ता, नवाचार, उपयोगिता एवं प्रस्तुतीकरण के आधार पर श्रेष्ठ टीमों का चयन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जोरो सेरेनिटी ग्रुप (ऋषीश्वर इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड) के टीम लीड़र आदित्य दांगी, द्वितीय स्थान कोड्स सिनर्जी ग्रुप (एमिटी विश्वविद्यालय) के साहिल शर्मा तथा तृतीय स्थान पराक्रम ग्रुप (एमिटी विश्वविद्यालय) के आदर्श सिंह ने प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों की सराहना करते हुए अधिकारियों ने उन्हें भविष्य में भी साइबर सुरक्षा एवं तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया।





