तेरा तुझको अर्पण अभियान के तहत
स्वतंत्रता दिवस व रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर
ग्वालियर पुलिस का आमजन को उपहार

ग्वालियर-14.08.2026। ग्वालियर पुलिस को प्रतिदिन मोबाइल गुम होने संबंधी आवेदन सी.ई.आई.आर.पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हो रहे हैं। जिस पर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह(भापुसे) द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (मध्य/यातायात) श्री सुजावल जग्गा(भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (पश्चिम/अपराध) श्रीमती सुमन गुर्जर(भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (पूर्व) डॉ0 शिवेश सिंह बघेल(रापुसे) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री जयराज कुबेर(रापुसे) को अपने अधीनस्थ थाना क्षेत्रों में गुम मोबाइलों को ट्रेस कराने हेतु निर्देशित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (पश्चिम/अपराध) द्वारा उक्त गुम मोबाइलों को साइबर सेल ग्वालियर की टीम से ट्रेस कराकर उनकी शीघ्र बरामदगी कराने हेतु लगाया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशाें के परिपालन में डीएसपी अपराध श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार एवं डीएसपी अपराध श्री मनीष यादव के कुशल मार्ग दर्शन में प्रभारी साइबर सेल उनि0 श्रीमती रजनी सिंह रघुवंशी द्वारा मोबाइल गुम होने संबंधी प्राप्त आवेदनों पर कार्यवाही करने हेतु साइबर सेल की टीम को लगाया गया। साइबर सेल टीम द्वारा उक्त आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विगत 03 माह की अवधि में सी.ई.आई.आर पोर्टल के माध्यम से विभिन्न कम्पनियों के 451 मोबाइलों को देश के अलग-अलग राज्यों एवं शहरों से बरामद किया गया है, जिनकी कुल कीमत लगभग 01 करोड 03 लाख रूपये है। जिनमें आवेदक

1. रेखा शिक्षक हैं जो ड्यूटी के दौरान उनका मोबाईल गुम हो गया था।
2. सपना दीक्षित ग्रहणी हैं जो अपनी बेटी का इलाज कराने के लिए डॉक्टर के पास जाते वक्त मोबाइल गुम हो गया था।
3. सीमा सेन ग्रहणी हैं जिनके पति सीआरपीएफ मे जवान है परिवार मे गमी हो गई थी तो वहां पर जाते समय उनका मोबाईल गुम हो गया था।
4. पूनम कस्तवार छात्रा हैं एमपीपीएससी की तैयारी कर रही है। जिनके पिताजी मुरार अस्पताल मंे भर्ती थे तो अस्पताल जाते समय मोबाइल गुम हो गया था।
5. राधा झा ग्रहणी हैं जिनका मोबाइल शादी में जाते समय गुम हो गया था।
6. प्रदीप सिंह ड्राइवर हैं जिन्होने मोबाइल किस्तों पर लिया था। जिनका मोबाइल रास्ते में जाते वक्त गुम हो गया था।
7. आरती एमएलव्ही कॉलेज में प्रोफेसर हैं कॉलेज जाते समय मोबाइल रास्ते मे गुम हो गया था।

इसी प्रकार अन्य आवेदक गणों के मोबाइल भी गुम हुये थे, जिस कारण सभी बहुत परेशान थे। सभी आवेदकों के द्वारा मोबाइल गुम होने की शिकायत सीईआईआर पोर्टल पर की गई थी। साइबर सेल द्वारा त्वरित कार्यवाही कर मोबाईल बरामद किये गये। जिन्हे आज दिनांक को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा समस्त मोबाईल धारकों को प्रदाय किये गये। अपना मोबाईल प्राप्त कर सभी मोबाइल धारकों के चेहरे पर पुनः मुस्कान लौट आई। सभी मोबाइल मालिकों द्वारा मोबाइलों के वापिस मिलने पर पुलिस अधिकारियों एवं साइबर सेल की टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया गया है।

ग्वालियर पुलिस द्वारा उन नागरिकों को भी प्रोत्साहन हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदाय किये गये हैं, जिनमें पवन कुशवाह, भोजराज सिंह चौहान, भोगीराम (लल्ला ) मंडेलिया, मनोज चौरसिया शामिल हैं, जिन्होने जागरुक नागरिक होने का कर्तव्य निर्वहन करते हुये लावारिस मिले मोबाइलों को साइबर सेल में आकर स्वयं जमा कराकर सराहनीय कार्य किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने साइबर सेल की टीम को उक्त सराहनीय कार्य हेतु पुरस्कृत करने की घोषणा की है ।

सराहनीय भूमिकाः- उक्त मोबाइलों को खोजने में प्रभारी साइबर सेल उप निरीक्षक श्रीमती रजनी सिंह रघुवंशी, उनि0 विश्वीर सिंह जाट, आर0 सोनू प्रजापति, शिवकुमार यादव, आशीष शर्मा, विपिन सिकरवार, देवेश शर्मा, शैलेन्द्र गौड़, अजय यादव एवं जिले के विभिन्न थानों के आरक्षक हितेन्द्र शर्मा (थाना ग्वालियर), अशोक लोधी (थाना भितरवार), दीपक रावत (थाना डबरा सिटी), बालेन्द्र शर्मा (थाना हजीरा), राहुल शर्मा (थाना गोले का मन्दिर), राहुल जाट(थाना मुरार) की सराहनीय भूमिका रही।

क्या है? CEIR PORTAL पोर्टल
सी.ई.आई.आर.पोर्टल:- सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) भारत सरकार दूरसंचार विभाग का पोर्टल है।

सीईआईआर-संचार साथी की मदद से कोई भी व्यक्ति अपने चोरी अथवा गुम हुए मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लॉक कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसके उपरान्त पुलिस द्वारा इस पोर्टल के माध्यम से मोबाइल को आसानी से खोजा जा सकेगा।

मोबाइल गुम होने पर पोर्टल पर ऐसे करें शिकायत:- अगर अपका मोबाइल गुम या चोरी हो गया है तो सबसे पहले नजदीकी थाने जाकर शिकायत दर्ज करायें और अपनी सिम को संबंधित कंपनी से पुनः निकलवायें, इसके बाद सीईआईआर पोर्टल www.ceir.gov.in पर जाकर मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लॉक करें जिसमे थाना का शिकायती आवेदन, मोबाइल का बिल और अपना एक पहचान पत्र पोर्टल पर अपलोड कर आवेदन ऑनलाइन जमा करें। उसके बाद आपको एक 18 अंकों की एक रिक्वेस्ट आईडी मिल जायेगी जिससे शिकायत की स्थिति का पता किया जा सकेगा।

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