🔴 ग्वालियर पुलिस द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्थित झुग्गी-झोपड़ी बस्ती, हॉटस्पॉट क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर वहां लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।
🔴 ग्वालियर जिले के विभिन्न स्कूलों में भी ‘‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’’ अभियान के अन्तर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर नशा मुक्ति संबंधी जागरूकता की शपथ भी दिलाई गई और पम्पलेट वितरित की गई।
ग्वालियरः 18.07.2026- मध्यप्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत आज अभियान के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ग्वालियर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों, झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों एवं संवेदनशील स्थानों एवं स्कूलों में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) के निर्देश पर तथा अभियान की नोडल अधिकारी अति. पुलिस अधीक्षक श्री जयराज कुबेर के मार्गदर्शन में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आमजन, मजदूरों, दुकानदारों, ग्रामीणों एवं नशे की गिरफ्त में आए व्यक्तियों तथा उनके परिजनों से संवाद स्थापित कर उन्हें नशे के दुष्परिणामों, उससे बचाव के उपायों एवं नशामुक्ति पुनर्वास केन्द्रों की सुविधाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

हॉटस्पॉट क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पहुंची ग्वालियर पुलिस, आमजन को किया जागरूक-
अभियान के तहत थाना कोतवाली पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र महाराज बाड़ा में फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले दुकानदारों एवं नागरिकों के बीच विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना प्रभारी श्री विनोद विनायक करके ने व्यापारियों एवंआमजन को संबोधित करते हुए बताया कि नशा व्यक्ति की कार्यक्षमता, स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन एवं आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने आसपास के युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने की शपथ दिलाई गई।
इसी क्रम में थाना जनकगंज पुलिस द्वारा लक्ष्मीगंज मंडी में आमजन, व्यापारियों एवं श्रमिकों के बीच जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सहायक उपनिरीक्षक दशरथ तोमर एवं पुलिस स्टाफ ने नशे के कारण होने वाले स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों, पारिवारिक विघटन, आर्थिक नुकसान एवं अपराधों में बढ़ती संलिप्तता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।
*ग्रामीण क्षेत्र में निकली नशामुक्ति रैली, विद्यार्थियों ने दिया जनजागरण का संदेश-*
थाना बेलगढा पुलिस द्वारा ग्राम पलायछा में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती नवसीखियाँ हाई स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा निकाली गई नशामुक्ति जागरूकता रैली से हुई, जिसके माध्यम से पूरे गांव में नशे के विरुद्ध प्रभावी संदेश दिया गया। इसके पश्चात उपनिरीक्षक नंदकिशोर झा ने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक जीवन को नष्ट कर देता है। उन्होंने युवाओं से अच्छे मित्रों का चयन करने, नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार एवं समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में नशे से बचाव के संबंध में उपयोगी सुझाव साझा किए गए तथा लगभग 200 से 300 छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणजनों को नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनने की शपथ दिलाई गई।
*स्कूलों में भी विद्यार्थियों को दी नशे के विरुद्ध जागरूकता की सीख-*
थाना मुरार पुलिस द्वारा एम.एल.बी. स्कूल, मुरार में आयोजित कार्यक्रम में थाना प्रभारी श्रीमती मैना पटेल ने लगभग 500 छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवावस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है और इसी समय लिए गए निर्णय भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे की लत से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभाव, अपराधों में बढ़ती संलिप्तता, पारिवारिक समस्याओं एवं सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उनसे स्वयं नशे से दूर रहने तथा अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।
इसी प्रकार थाना हजीरा पुलिस द्वारा ग्वालियर सेंट्रल एकेडमी स्कूल, गदाईपुरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपनिरीक्षक हरेन्द्र भदोरिया, प्रधान आरक्षक धर्मेन्द्र एवं उमाकांत शर्मा ने लगभग 100 छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों एवं उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी प्रकार के मित्रों के दबाव या प्रलोभन में आकर नशे का सेवन न करें तथा यदि कहीं नशे का अवैध कारोबार दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।
*जिलेभर में निरंतर जारी रहेगा जनजागरूकता अभियान-*
इसी प्रकार ग्वालियर जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी ‘‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0‘‘ अभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, ग्रामीण क्षेत्रों एवं संवेदनशील स्थानों पर पहुंचकर आमजन, युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया।





